Maa Release काजोल की हॉरर-ड्रामा

27 जून 2025 को रिलीज़ हुई “Maa”, एक मायथोलॉजिकल हॉरर-ड्रामा, जिसने पहले ही दिन दर्शकों के बीच तेज़ी से चर्चा पैदा कर दी है। काजोल ने इसमें एक मां की भूमिका निभाई है, जो अपने बच्चों को प्राचीन शक्तियों और धुंधली यादों से बचाने की कोशिश करती है—और यह सफ़र इतना रोमांचक है कि दर्शक सिनेमाघरों से निकलने के बाद भी उधेड़बुन में उलझे नजर आ रहे हैं।
इस फिल्म में काजोल के साथ हैं रनित रॉय और इंद्रनील सेनगुप्ता—तीनों ने अपने किरदारों में गहराई और भावनात्मक तनाव को बखूबी निभाया है। निर्देशक विशाल फुरिया ने मातृत्व के उस पहलू को पकड़ने की कोशिश की है जो आशिर्वाद और भय दोनों को जन्म देता है।
फिल्म लगभग 145 मिनट लंबी है और इसमें मुख्य कहानी बुनी गई है एक पुरानी देवी की पूजा के इर्द‑गिर्द जिसने कभी गाँव को बचाया था—लेकिन अब वही पूजा घर एक खौफनाक धरावाहिक घटना बन गई है, जो पीढ़ियों की यात्राओं और पापों को उजागर करती है।

फिल्म की शुरुआत होती है बच्चों की हँसी और वैदिक मंत्रों के साथ, लेकिन थोड़ी ही देर में गाँव को छूने वाली उन डरावनी आवाज़ों और अजीब घटनाओं ने माहौल बदल दिया। काजोल की मां- भूमिका अत्यंत प्रभावशाली है—उसका दर्द, समर्पण और मर्मस्कंदन देख हर दर्शक सहम जाए।
रनित रॉय ने गांव के पुजारी का किरदार निभाया है—जो भीतर से टूट चुका है, लेकिन अपने धर्म और रक्षा के प्रति अडिग है। इंद्रनील सेनगुप्ता का छोटा लेकिन अहम रोल एक आधुनिक वैज्ञानिक और पिता का है, जो तार्किक सोच से डरावने सत्य को समझने की कोशिश करता है।
फिल्म का विजुअल और साउंड डिज़ाइन बहुचर्चित है। रात के दृश्य, जंगल का वातावरण, मंद स्वर में बजने वाले मंत्र—all ने दर्शकों की रूह तक को छू लिया है। बैकग्राउंड म्यूजिक वहीं ठीक समय पर ड्रा देता है—डिज़ाइन ऐसा है कि आप आँखें बंद कर भी सोचेंगे “क्या हुआ?”
Box Office पर फिल्म ने पहले ही दिन ₹9 करोड़ की अच्छी शुरुआत की है। शुरुआती दर्शक समीक्षाएँ इसे “A nail‑biting supernatural ride”, “Kajol’s comeback with a roaring impact” जैसे शब्दों में हर्षितपरक ढंग से स्वीकार रही हैं, खासकर मल्टीप्लेक्स दर्शकों के बीच।
फिल्म अपने आप में ये बताती है कि हॉरर-ड्रामा सिर्फ डर दिखाने भर का माध्यम नहीं है—यह परिवार, विरासत और मातृत्व के बीच छुपे रहस्यों को उजागर करने का एक शक्तिशाली तरीका बन सकता है।
अगर आपने आज तक यह फिल्म नहीं देखी, तो भूलिए नहीं—बहुत जल्दी यह सिनेमाघरों में हिट हो सकती है। और वो लोग जो हॉरर के प्रेमी नहीं भी हैं, “Maa” उनको अपनी कहानी में बाँधने में सक्षम है।

























