ऑनलाइन फ्रॉड पर बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने एक बड़ी ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा किया है, जिसमें देशभर के हज़ारों लोगों से करीब ₹500 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस गैंग ने UPI पेमेंट गेटवे और नकली निवेश ऐप्स की मदद से लोगों को ठगा और उनके बैंक खातों को खाली कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह सोशल मीडिया, यूट्यूब और फर्जी SMS के माध्यम से लोगों को निवेश और रिटर्न का लालच देता था। जब लोग इन लिंक पर क्लिक करते, तो उन्हें एक नकली ऐप या वेबसाइट पर भेजा जाता जो देखने में एकदम असली लगती थी। यहां उनसे ₹500 से ₹5000 तक की शुरुआती राशि निवेश करने को कहा जाता।
एक बार निवेश करने के बाद उन्हें फर्जी लाभ दिखाया जाता और बार-बार पैसा डालने के लिए उकसाया जाता। लेकिन जैसे ही कोई बड़ा अमाउंट जमा होता, ऐप बंद हो जाता या लॉगिन फेल दिखाने लगता। जब लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करानी शुरू की, तब जाकर जांच की गई।ऑनलाइन फ्रॉड पर बड़ी कार्रवाई
जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क चीन और दुबई में बैठे मास्टरमाइंड्स द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था। गिरोह ने भारत में UPI पेमेंट गेटवे का दुरुपयोग कर नकली कंपनियों के नाम से अकाउंट्स खोले और रोजाना करोड़ों का लेन-देन किया।
पुलिस ने इस केस में अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ IT एक्सपर्ट और कॉल सेंटर ऑपरेटर भी शामिल हैं। इनके पास से 1000 से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड, 400 बैंक खातों की डिटेल और 200 फर्जी UPI ID बरामद की गई हैं।
सरकार ने जनता से अपील की है कि वह किसी भी अनजान लिंक, अजीब ऐप या निवेश प्रस्ताव पर भरोसा न करें। UPI से लेन-देन करते समय केवल भरोसेमंद ऐप और QR कोड का उपयोग करें।ऑनलाइन फ्रॉड पर बड़ी कार्रवाई

























