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दिल्ली की शराब बिक्री पर नई सख्ती
रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी की शराब बिक्री से जुड़ी नीति में बड़ा बदलाव किया है। इस नई नीति के तहत न केवल शराब दुकानों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव हुआ है, बल्कि आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है।
अब सवाल यह है कि क्या ये सख्त कदम जनता के लिए राहत लेकर आएंगे या परेशानी?
शराब बिक्री के समय में बदलाव
नई शराब नीति के तहत अब शराब दुकानों के संचालन का समय सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। पहले यह समय रात 11 बजे तक था।
इस बदलाव का मकसद है — देर रात शराब सेवन और उससे जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाना।
होम डिलीवरी पर रोक
दिल्ली में पहले शराब की होम डिलीवरी कुछ ऐप्स और अधिकृत दुकानों के माध्यम से संभव थी। लेकिन नई नीति में इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
इसका मुख्य उद्देश्य नाबालिगों द्वारा शराब तक पहुंच को रोकना और इसके अवैध वितरण को नियंत्रित करना है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता में
रेखा गुप्ता सरकार ने साफ तौर पर बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिससे महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही थीं। नई नीति के तहत:
शराब की दुकानों के आसपास महिला सुरक्षा गार्ड की तैनाती अनिवार्य होगी।
शराब दुकानों के पास चाइल्ड केयर और स्कूल एरिया में बिक्री पर सख्त रोक होगी।
सभी दुकानों में हाई-रिजोल्यूशन CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
आम जनता की प्रतिक्रिया
नई नीति के बाद सोशल मीडिया और फीडबैक पोर्टल्स पर नागरिकों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं।
कई लोगों ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि इससे दिल्ली की सड़कों पर रात के समय असुरक्षा की भावना में कमी आएगी।
वहीं कुछ लोग, विशेष रूप से युवा वर्ग, इसे ‘अत्यधिक नियंत्रण’ की नीति बता रहे हैं।
क्या होगा व्यापारियों पर असर?
नई समय सीमा और होम डिलीवरी पर बैन का सीधा असर शराब विक्रेताओं की बिक्री पर पड़ेगा।
छोटे और मिड-लेवल दुकानदारों को घाटे का डर सता रहा है, जबकि सरकार का मानना है कि इससे लॉन्ग टर्म में अवैध बिक्री रुकेगी और कानूनी ढांचे में सुधार होगा।
सरकार का पक्ष
रेखा गुप्ता सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम जनता की सुरक्षा और नैतिक वातावरण के लिए ज़रूरी है। सरकार ने शराब के राजस्व से समझौता करते हुए सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दी है।
























