AI ने रचा इतिहास

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने अब न्याय व्यवस्था में भी एंट्री कर ली है। अमेरिका में एक परीक्षण केस में एक AI मॉडल ने गवाह के रूप में एक पूर्व-प्रोग्राम किए गए बयान को कोर्ट में प्रस्तुत किया, जिसे जज और वकीलों ने रिकॉर्ड किया।
यह इतिहास में पहली बार है जब AI को न्यायिक प्रक्रिया में “सहायक गवाह” की भूमिका में प्रयोग किया गया। AI ने केस से जुड़े दस्तावेजों की भाषा का विश्लेषण कर निष्कर्ष प्रस्तुत किए, जिसे अदालत ने केस की समझ में सहायक माना।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि AI को इंसानी गवाह के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जा सकता, लेकिन तकनीक की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
यह प्रयोग न्याय प्रणाली में AI की संभावनाओं और सीमाओं दोनों को दर्शाता है। भारत में भी लॉ टेक स्टार्टअप्स AI पर काम कर रहे हैं, जो केसों की रिसर्च और दस्तावेज तैयार करने में सहायता कर सकते हैं।


























