
16 billion login details leaked
साइबरन्यूज़ रिसर्च टीम ने हाल ही में एक ऐसी चौंकाने वाली रिपोर्ट साझा की है, जिसमें दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी डेटा ब्रीच का खुलासा हुआ है। कुल 16 अरब से अधिक लॉगिन क्रेडेंशियल्स विभिन्न डार्क वेब डाटासेट्स में पाए गए हैं। ये जानकारी मुख्य रूप से इनफोस्टीलर मैलवेयर और पुराने लीक का मिश्रण लगती है, लेकिन कई रिकॉर्ड्स हाल के भी हैं।
रिसर्च टीम ने जनवरी से अब तक 30 ऐसे खुले डाटासेट्स खोजे हैं, जिनमें से हर एक में लाखों से लेकर 3.5 अरब तक रिकॉर्ड्स हैं। ये डाटासेट्स सोशल मीडिया, कॉरपोरेट प्लेटफॉर्म, VPN, सरकारी सेवाओं और डेवलपर पोर्टल्स तक से जुड़ी जानकारियां समेटे हुए हैं।
डार्क वेब पर खुले में पड़ा डेटा

अधिकतर डाटासेट्स अनसिक्योर्ड Elasticsearch और क्लाउड स्टोरेज पर कुछ समय के लिए खुले रहे। हालांकि किसी भी डाटासेट के असली मालिक की पहचान नहीं हो पाई है। एक डाटासेट जिसमें 184 मिलियन रिकॉर्ड्स थे, उसकी खबर Wired मैगज़ीन ने मई में दी थी, लेकिन यह रिसर्च में सामने आए टॉप 20 डाटासेट्स में भी शामिल नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन ब्रीच में केवल पुराने डेटा ही नहीं, बल्कि नए टोकन, कुकीज़ और मेटाडेटा भी शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि हैकर्स के पास अब न सिर्फ अकाउंट एक्सेस करने की ताकत है, बल्कि वे फिशिंग, अकाउंट टेकओवर और पहचान की चोरी जैसे हमलों को और सटीक बना सकते हैं।
खुलासा हुआ डेटा किस प्रकार का है?

रिसर्च टीम के अनुसार, अधिकतर रिकॉर्ड एक निश्चित पैटर्न में हैं — वेबसाइट URL, फिर यूज़रनेम और पासवर्ड। यानी जानकारी साफ-सुथरे तरीके से जुटाई गई है, जैसा कि इनफोस्टीलर मैलवेयर करते हैं। कुछ डाटासेट्स सामान्य नाम जैसे “logins” और “credentials” से थे, जबकि अन्य में टेलीग्राम, रूस, और क्लाउड सर्विसेज जैसी सीधी पहचान वाले नाम थे।
सबसे छोटा डाटासेट जिसमें सिर्फ 16 मिलियन रिकॉर्ड्स थे, एक मैलवेयर से जुड़ा था। वहीं, सबसे बड़ा डाटासेट 3.5 अरब रिकॉर्ड्स वाला था, जो एक पुर्तगाली-भाषी स्रोत से जुड़ा हो सकता है। औसतन, हर डाटासेट में 55 करोड़ से अधिक रिकॉर्ड्स थे।
सुरक्षा के लिए क्या करें यूज़र?

यूज़र्स के लिए यह समझना जरूरी है कि इतनी बड़ी ब्रीच में उनके डेटा का शामिल होना लगभग तय है। यह लीक सिर्फ एक बार की घटना नहीं है, बल्कि इनफोस्टीलर मालवेयर के लगातार और व्यवस्थित फैलाव का संकेत है।
16 billion login details leaked विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यूज़र तुरंत
- अपने सभी ऑनलाइन अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें
- मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) इनेबल करें
- किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें
- सिस्टम में एंटीवायरस और मालवेयर स्कैन कराएं

























