When the soul becomes a character

एक कॉलेज नाटक के दौरान ऐसा हादसा हुआ
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक कॉलेज नाटक के दौरान ऐसा हादसा हुआ जिसने सैकड़ों दर्शकों को दहला दिया।
शिवाजी कॉलेज में एक वार्षिक नाटक “अभिशप्त आत्मा” खेला जा रहा था। कहानी थी एक लड़की की जो अपने प्रेमी की मौत का बदला लेने भूत बन जाती है। लेकिन शो के बीच में मंच पर मौजूद एक छात्रा ‘श्रेया’ अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी — और उसके गिरते ही मंच पर लगी सारी लाइटें बंद हो गईं।
When the soul becomes a character
दर्शकों ने सोचा यह स्क्रिप्ट का हिस्सा है, लेकिन जब लाइट्स आईं तो सबने देखा कि श्रेया अजीब-सी हँसी हँस रही थी, उसकी आंखें उल्टी और चेहरे पर अजीब सी मुस्कान थी।
स्टाफ ने तुरंत शो बंद करवाया और उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उसे कोई मेडिकल कारण नहीं था। लेकिन वो अगले दो दिन तक “मैं वही आत्मा हूँ…” कहती रही।
When the soul becomes a character

वही लड़की 10 साल पहले उसी कॉलेज की छात्रा थी
श्रेया की माँ ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह अजीब हरकतें कर रही थी। वह रात को सोते-सोते जाग जाती, किसी से बात करती और दीवार की ओर देखकर हँसती।
नाटक में जो किरदार वह निभा रही थी — वही लड़की 10 साल पहले उसी कॉलेज की छात्रा थी जिसने स्टेज पर ही आत्महत्या की थी।
कई लोग कहते हैं कि शायद वही आत्मा श्रेया में समा गई थी और अपने अधूरे किरदार को खुद पूरा किया।
कॉलेज प्रशासन ने फिलहाल उस नाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया है और छात्रों को काउंसलिंग दी जा रही है।


























