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पुराने विवादों से सबक – नई शराब नीति
दिल्ली की शराब नीति को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई विवाद सामने आए। कहीं लाइसेंस वितरण में पारदर्शिता की कमी, तो कहीं नीति लागू करने वालों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे।
रेखा गुप्ता सरकार ने इन सभी अनुभवों से सीख लेते हुए नई शराब नीति को इस तरह तैयार किया है कि उसमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश न के बराबर रहे। आइए जानते हैं कि इस नीति में वो 5 कौन-से प्रमुख प्रावधान हैं जो इसे साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाते हैं।
1. पूरी लाइसेंसिंग प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
नई नीति के अनुसार शराब दुकानों के लिए लाइसेंस लेने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल पोर्टल के जरिए होगी। इसमें:
कोई मैनुअल इंटरवेंशन नहीं होगा
सभी आवेदनों की ट्रैकिंग सार्वजनिक होगी
नीलामी के परिणाम रियल टाइम में वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे
इससे दलाली और सिफारिश की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
2. ‘वन स्टोर, वन नंबर’ नियम लागू
अब एक ही व्यक्ति या कंपनी एक ही नाम से सिर्फ एक दुकान का संचालन कर सकेगी। इससे बाजार पर किसी एक कारोबारी समूह का एकाधिकार नहीं बन पाएगा।
पूर्व की नीतियों में कुछ कंपनियों ने 20-30 आउटलेट पर कब्जा कर लिया था, जिससे भ्रष्टाचार और कंट्रोल की समस्या बढ़ गई थी।
3. CCTV से निगरानी और लाइसेंस रद्द का नियम
हर दुकान पर हाई-क्वालिटी CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।
अगर कोई भी दुकान नियमों का उल्लंघन करती है, जैसे कि
ओवररेटेड सेल
नकली शराब
महिला ग्राहकों के साथ बदसलूकी
तो सीधा लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा — बिना किसी चेतावनी के।
4. डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा
नई नीति में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शराब की बिक्री में कैश ट्रांजैक्शन को हतोत्साहित किया जाएगा।
हर दुकान पर UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भुगतान को अनिवार्य किया जाएगा।
इससे टैक्स चोरी पर भी रोक लगेगी और लेन-देन पूरी तरह ट्रेस किया जा सकेगा।
5. शिकायत निवारण के लिए स्वतंत्र तंत्र
पहली बार, दिल्ली सरकार एक स्वतंत्र शिकायत प्रकोष्ठ बना रही है जहाँ कोई भी ग्राहक ऑनलाइन या कॉल के ज़रिए शराब नीति के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करा सकेगा।
शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, और कार्रवाई की जानकारी उसे एसएमएस या ईमेल द्वारा दी जाएगी।
जनता और विशेषज्ञों की राय
नीति को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। आम नागरिकों और महिला समूहों का मानना है कि अगर ये प्रावधान सख्ती से लागू किए गए, तो दिल्ली में शराब से जुड़ी गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह नीति भ्रष्टाचार के पुराने सिस्टम को तोड़ेगी और व्यापार को सही दिशा में ले जाएगी।

























