शराब नीति में युवाओं और स्टूडेंट्स के लिए
दिल्ली सरकार की नई शराब नीति केवल आर्थिक या प्रशासनिक स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में बढ़ी है। खासतौर पर युवाओं और स्टूडेंट्स की सुरक्षा और भटकाव रोकने के लिए इसमें कई अहम फैसले लिए गए हैं।
रेखा गुप्ता सरकार ने स्वीकार किया है कि युवा पीढ़ी को सही दिशा देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
Table of Contents
स्टूडेंट्स के आसपास शराब बिक्री पर रोक
नई नीति के तहत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि:
किसी भी शराब दुकान को स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर या यूनिवर्सिटी के 100 मीटर के दायरे में खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यदि पहले से ऐसी कोई दुकान चल रही है, तो उसका लाइसेंस रिन्यू नहीं होगा।
यह कदम युवाओं को गलत आदतों से दूर रखने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।
उम्र सत्यापन के लिए तकनीकी सिस्टम
अब शराब खरीदने के लिए ग्राहकों की उम्र सत्यापित करने हेतु हर दुकान पर डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम लागू होगा:
हर ग्राहक को ID प्रूफ स्कैन करवाना होगा
नाबालिग पाए जाने पर दुकानदार को सीधा ₹50,000 जुर्माना और लाइसेंस निलंबन होगा
यह प्रणाली दिल्ली में पहली बार लागू की जा रही है।
कॉलेज कैंपस में शराब वितरण पर पूरी तरह बैन
नई नीति में यह भी शामिल है कि:
किसी भी शैक्षणिक संस्थान के कैंपस में या उससे जुड़े कार्यक्रमों में शराब प्रायोजक (sponsor) नहीं हो सकेंगे
कॉलेज फेस्ट, इवेंट्स आदि में शराब का प्रचार-प्रसार वर्जित रहेगा
इस नियम का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
युवाओं को जागरूक करने के लिए अभियान
सरकार ने शराब नीति के साथ एक “युवा जागरूकता मिशन” भी लॉन्च किया है जिसमें:
स्कूलों और कॉलेजों में वर्कशॉप्स और सेमिनार होंगे
हेल्पलाइन और काउंसलिंग सिस्टम चालू किया जाएगा
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेष सत्र भी शामिल किए जाएंगे
इसका उद्देश्य शराब सेवन के मानसिक, सामाजिक और शारीरिक नुकसान के प्रति छात्रों को जागरूक करना है।
विशेषज्ञों की राय
शैक्षणिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम लंबे समय में दिल्ली की युवा पीढ़ी को एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाएगा।
साथ ही इससे माता-पिता की चिंता भी कम होगी, जो अब तक बच्चों के स्कूल-कॉलेज के आसपास खुली शराब दुकानों को लेकर परेशान रहते थे।


























