Stars On The Ground

आमिर खान की नई फिल्म stars on the ground एक भावनात्मक अनुभव है जो थिएटर में देखने पर असर छोड़ती है। यह 2007 की सुपरहिट तारे ज़मीन पर की आत्मिक अगली कड़ी मानी जा रही है और इटालियन फिल्म Campeones पर आधारित है। फिल्म की शुरुआत एक गुस्सैल बास्केटबॉल कोच गुलशन अरोड़ा (आमिर खान) से होती है, जिसे निलंबित किए जाने के बाद मानसिक रूप से विशेष युवाओं को तीन महीने तक बास्केटबॉल सिखाने की सज़ा मिलती है।
शुरुआत में गुलशन को यह काम भारी लगता है, लेकिन जैसे-जैसे वो टीम को समझता है, उसका नजरिया बदलने लगता है। फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा धीमा है — आमिर और जेनेलिया के रिश्ते, टीम के साथ तालमेल और ट्रैक पर आने में वक्त लगता है। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म गति पकड़ती है और इमोशन, कॉमेडी और ड्रामा का संतुलन बना लेती है।

ब्रिजेन्द्र काला और डॉली आहलूवालिया छोटे लेकिन यादगार किरदारों में हैं। स्पेशल टीम के सदस्यों में आशीष पेंडसे, अरोष दत्ता, गोपीकृष्ण वर्मा जैसे नए चेहरों ने सधी हुई परफॉर्मेंस दी है।
संगीत की बात करें तो शंकर-एहसान-लॉय का म्यूजिक फिल्म के साथ मेल खाता है, हालांकि तारे ज़मीन पर जैसे गाने की उम्मीद रखना गलत होगा।
कुल मिलाकर, सितारे ज़मीन पर एक ईमानदार और दिल से बनाई गई फिल्म है, जो शायद उतनी बड़ी नहीं लगे लेकिन दिल को छू जाती है।

























