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नई शराब नीति में धार्मिक और संवेदनशील
दिल्ली में नई शराब नीति लागू करने के बाद रेखा गुप्ता सरकार ने सबसे अहम बातों में जो स्पष्टता दी है, उनमें धार्मिक और संवेदनशील स्थानों पर शराब बिक्री का विषय प्रमुख है।
पहले इस मुद्दे पर भ्रम, विवाद और राजनीतिक दबाव देखने को मिलता था, लेकिन अब नीति में इस पर सख्त और साफ़ निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
धार्मिक स्थलों के पास शराब बिक्री पर रोक
नई नीति में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि:
मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च आदि किसी भी धार्मिक स्थल से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर ही शराब दुकान स्थापित की जा सकेगी।
यदि किसी क्षेत्र को “धार्मिक गहनता वाला ज़ोन” घोषित किया गया है, तो वहाँ शराब बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी।
यह कदम दिल्ली के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
स्कूल, हॉस्पिटल और संवेदनशील संस्थानों के पास भी प्रतिबंध
रेखा गुप्ता सरकार ने नीति में यह भी जोड़ा है कि:
स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल और चाइल्ड केयर संस्थानों के पास भी शराब दुकान खोलना प्रतिबंधित रहेगा।
अगर किसी इलाके में महिलाएं, छात्र, या बुज़ुर्गों की संख्या अधिक है, तो वहाँ दुकानों की अनुमति पहले स्थानीय निकायों और महिला आयोग की जांच के बाद ही दी जाएगी।
संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार
शराब नीति में सरकार ने अब राजधानी के सभी इलाकों की GIS मैपिंग करवाई है, जिसके ज़रिए:
धार्मिक और संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है
ऐसे इलाकों को ‘रेड ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है
रेड ज़ोन में शराब की बिक्री, वितरण और स्टोरेज पर भी प्रतिबंध रहेगा
पहले क्यों थी शिकायतें?
पुरानी नीति में ऐसे कई मामले सामने आए थे जहाँ धार्मिक स्थलों के करीब शराब की दुकानें खोली गई थीं। इससे:
स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए
धार्मिक संगठनों ने अदालत का रुख किया
कई दुकानों को प्रशासनिक दबाव में बंद करना पड़ा
रेखा गुप्ता सरकार ने इन सब घटनाओं को ध्यान में रखते हुए एक सुनियोजित और संवेदनशील नियमावली तैयार की है।
जनता और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया
धार्मिक संगठनों और स्थानीय समाज सेवियों ने सरकार के इस फैसले की सराहना की है।
उनका कहना है कि इससे सांस्कृतिक मर्यादा और सार्वजनिक शांति बनी रहेगी।
जनता का भी मानना है कि शराब बिक्री को नियंत्रित कर, समाज में नैतिक अनुशासन को कायम रखा जा सकता है।


























