Google Pixel 7 पर जापान का बैन
स्मार्टफोन आज हर महिला की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है — चाहे घर से बाहर जाना हो, ऑफिस का काम हो या बच्चों की पढ़ाई की निगरानी। लेकिन जब यही स्मार्टफोन हमारी सुरक्षा पर सवाल खड़े करे, तो डर स्वाभाविक है।
जापान द्वारा Google Pixel 7 पर लगाया गया बैन न सिर्फ टेक्नोलॉजी की खबर है, बल्कि हर उस महिला की चिंता है जो अपने डेटा और निजता की सुरक्षा चाहती है।
आखिर क्या है बैन की वजह?
जापान की टेलीकॉम अथॉरिटी ने पाया कि Pixel 7 कुछ ऐसे रेडियो फ्रिक्वेंसी बैंड्स का इस्तेमाल करता है, जो देश की आपातकालीन सेवाओं के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इससे सुरक्षा नेटवर्क में बाधा आ सकती है और लोगों की जान पर बन सकती है।
महिलाओं की डिजिटल पहचान पर खतरा?
एक महिला यूज़र के लिए फोन सिर्फ कम्युनिकेशन डिवाइस नहीं होता — वह उसकी डिजिटल डायरी है। उसमें उसकी तस्वीरें हैं, बातचीत है, डॉक्यूमेंट्स हैं, और उसका विश्वास है।
अगर सरकारें किसी डिवाइस को ‘अनसेफ’ घोषित कर रही हैं, तो महिलाओं को और भी ज्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। हमें सोचना होगा — हम किस ब्रांड को अपनी ज़िंदगी की चाबी सौंप रहे हैं?
क्या ये सिर्फ शुरुआत है?
Google Pixel 7 के बाद, Pixel 7 Pro और Pixel 8 जैसे डिवाइस भी शक के घेरे में हैं। अगर और भी देश जापान के नक्शे कदम पर चल पड़े, तो यह Google जैसी टेक कंपनियों के लिए बड़ा संकट बन सकता है।
महिलाओं के लिए संदेश
यह समय है जागरूक बनने का। फीचर और डिजाइन से ऊपर उठकर यह देखना ज़रूरी है कि हम जिस फोन को रोज़ाना इस्तेमाल कर रहे हैं, क्या वो हमारे डेटा और प्राइवेसी की रक्षा कर रहा है?
टेक्नोलॉजी को अब आंख बंद करके नहीं अपनाना, बल्कि सवालों और समझदारी के साथ चुनना होगा।