वैभव की चमकती जीत जब युवा जो
156 गेंद शेष रहते, भारत की अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड को जिस अंदाज़ में हराया, वह सिर्फ एक जीत नहीं थी — वह आत्मविश्वास, परिश्रम और जुनून की कहानी थी। और इस कहानी के नायक रहे एक ऐसा नाम, जो अब हर युवा खिलाड़ी की प्रेरणा बन सकता है — वैभव सूर्यवंशी।
मैच की सुबह जैसे ही वैभव ने गेंद हाथ में ली, हर दर्शक की निगाहें ठहर गईं। एक-एक गेंद पर उनकी पकड़, उनकी ऊर्जा और उनकी रणनीति ने यह साफ कर दिया कि वह सिर्फ खेल नहीं रहे थे — वह इतिहास लिख रहे थे।
इंग्लैंड की टीम के बल्लेबाज़ जैसे ही मैदान पर उतरे, वैभव की गेंदबाज़ी ने उन्हें बांध दिया। उनकी 5 विकेट की जादुई स्पेल ने मैच का रुख ही पलट दिया। और जब बैटिंग की बारी आई, तो वही संयम, वही भरोसा। 32 रनों की नाबाद पारी ने भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया — पूरे आत्मविश्वास के साथ।
यह सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं थी — यह उस मेहनत की जीत थी जो हर युवा खिलाड़ी दिन-रात करता है, यह उस सपने की जीत थी जो हर मां अपने बेटे की आंखों में देखती है।
आज वैभव सूर्यवंशी सिर्फ एक नाम नहीं — एक उम्मीद हैं, एक मिशाल हैं।
