ISI Why are vehicles marked भारत की सड़कों पर सबसे भरोसेमंद? जानिए पूरी रिपोर्ट
ISI मार्क क्या है और इसका वाहन उद्योग में क्या महत्व है?
भारत में उपभोक्ताओं की सुरक्षा और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जो सबसे अहम कदम उठाए गए हैं, उनमें ISI मार्क (Indian Standards Institute mark) अग्रणी है। यह एक सरकारी प्रमाणपत्र है जो किसी उत्पाद को भारतीय मानकों पर परखने के बाद जारी किया जाता है। जब बात आती है वाहनों की, तो यह मार्क किसी भी गाड़ी के जीवन और सुरक्षा का सबसे अहम प्रमाण बन जाता है।
ISI मार्क का वाहन क्षेत्र में महत्व
सुरक्षा का भरोसा: ISI मार्क से यह सुनिश्चित होता है कि वाहन में इस्तेमाल हुए सभी मुख्य कंपोनेंट्स जैसे ब्रेक लाइन, टायर, फ्यूल टैंक, वायरिंग आदि सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे हैं।
दीर्घकालिक स्थायित्व: इस मार्क वाले पुर्ज़ों का जीवन लंबा होता है क्योंकि वे उन्नत मटेरियल और डिज़ाइन आधारित होते हैं।
मानकीकरण और पारदर्शिता: कंपनियों को इस मार्क के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से परीक्षण कराना होता है, जिससे उपभोक्ता धोखे से बचते हैं।
1. टायर: सबसे पहला जीवन रक्षक, ISI ज़रूरी क्यों?
भारत में टायर फटने की घटनाएं सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह हैं। यदि वाहन के टायर ISI मार्क से सुसज्जित हों, तो यह गारंटी मिलती है कि उनका रबर मिश्रण, थ्रेड डिज़ाइन और तापमान प्रतिरोध भारतीय मानकों के अनुरूप है।
ट्रैक्शन कंट्रोल: ISI टायर तेज़ ब्रेकिंग पर गाड़ी को खिसकने से बचाते हैं।
ब्लोआउट से सुरक्षा: गर्मियों में लोडेड वाहन का टायर अक्सर फट जाता है, लेकिन ISI टायर विशेष ताप प्रतिरोधी होते हैं।
बरसात में पकड़: गीली सड़कों पर ट्रिपल थ्रेड ग्रिप टेक्नोलॉजी से लैस ISI टायर बेहतर पकड़ बनाते हैं।
2. इलेक्ट्रिकल वायरिंग और फ्यूज़ सिस्टम में ISI क्यों जरूरी? ISI Why are vehicles marked
वाहनों में लगने वाली तारें और फ्यूज़ सिस्टम आग का सबसे बड़ा कारण बन सकते हैं यदि वे लोकल या डुप्लीकेट हों। ISI मार्क बताता है कि वे:
थर्मल रेसिस्टेंट हैं, यानी ज़्यादा गर्मी में भी शॉर्ट सर्किट से बचाते हैं।
पानी और नमी प्रतिरोधी होते हैं, जिससे मॉनसून में कोई रिसाव न हो।
घर्षण और कंपन सहने में सक्षम होते हैं, जिससे यात्रा के दौरान वायरिंग टूटती नहीं।
3. ब्रेक सिस्टम में ISI क्यों जीवन रक्षक है?
एक सेकंड का ब्रेक फेल आपके पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकता है। ISI मार्क ब्रेक लाइन और ब्रेक पैड के लिए एक सख्त परीक्षण प्रक्रिया तय करता है:
हीट अवशोषण क्षमता: गर्म ब्रेकिंग के बावजूद ब्रेक लाइन काम करना बंद नहीं करती।
दबाव सहिष्णुता: हाई स्पीड पर भी ब्रेक का दबाव बराबर और संतुलित रहता है।
डिस्क–पैड सिंक्रनाइजेशन: ब्रेकिंग स्मूथ और बिना झटके के होती है।
4. फ्यूल टैंक और पाइपिंग: ISI से रिसाव से सुरक्षा
भारत में कई गाड़ियों में पेट्रोल लीक होने की घटनाएं सामने आती हैं जो आग लगने का कारण बनती हैं। ISI प्रमाणित फ्यूल सिस्टम निम्न विशेषताओं से लैस होते हैं:
लीकेज प्रूफ डिज़ाइन
हाई प्रेशर पर परीक्षण पास
जंगरोधी कोटिंग
उपभोक्ता के लिए सुझाव
खरीदते समय पूछें: टायर, ब्रेक, बैटरी या वायर—हर पुर्जे में ISI मार्क है या नहीं।
बिल और गारंटी कार्ड लें: जिससे आप नकली पार्ट्स से बच सकें।
वर्कशॉप से ISI पार्ट्स की मांग करें, और इसकी पुष्टि करें कि उन्होंने ओरिजिनल कंपोनेंट ही लगाया है।
भारत जैसे विशाल और विविध मौसम वाले देश में, ISI मार्क सिर्फ एक मुहर नहीं बल्कि आपके जीवन की गारंटी है। सस्ता सामान लेने के बजाय गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देना आज के समय की सबसे बड़ी समझदारी है।
