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Android 15 Beta Update में मिला
नई दिल्ली, 27 जून 2025 — Google ने अपने Android 15 बीटा अपडेट में एक ऐसा फ़ीचर शामिल किया है जो स्मार्टफोन की बैटरी के उपयोग को क्रांतिकारी तरीके से बदल सकता है। इस नए फ़ीचर का नाम है AI-Powered Adaptive Battery Saver, जो आपके फोन के इस्तेमाल को समझकर खुद तय करेगा कि बैटरी को कब बचाना है और कब नहीं।
क्या है यह नया फ़ीचर?
अब तक Adaptive Battery में सिस्टम सामान्य पैटर्न पर काम करता था, लेकिन Android 15 में शामिल नया फीचर Machine Learning का उपयोग करता है। यह आपके फोन के इस्तेमाल की आदतें, ऐप्स की एक्टिविटी, और चार्जिंग का समय समझकर यह निर्णय लेता है कि बैटरी को कैसे खपत करनी है।
कैसे करेगा काम?
– अगर यूज़र रोजाना रात 10 बजे फोन चार्ज करता है, तो यह AI दिन में बैकग्राउंड ऐप्स को धीमा कर देता है।
– लंबे समय तक अगर कोई ऐप इस्तेमाल नहीं हो रहा, तो वो खुद बैकग्राउंड से हटा दी जाएगी।
– जरूरत पड़ने पर ही फोन की प्रोसेसिंग फुल पावर पर जाएगी, जिससे बैटरी लाइफ 15–20% तक बेहतर हो सकती है।
किन डिवाइसेज़ में आएगा यह अपडेट?
फिलहाल यह Android 15 Beta केवल Pixel 6, 7, और कुछ Samsung Galaxy S Series डिवाइसेज़ में ही उपलब्ध है। लेकिन जैसे-जैसे Android 15 का स्टेबल वर्जन आएगा, यह बाकी डिवाइसों में भी धीरे-धीरे रोल आउट होगा।
क्या यह iOS से बेहतर होगा?
Apple पहले से ही अपने डिवाइसेज़ में बैटरी हेल्थ मैनेजमेंट देता है, लेकिन वहां यूज़र की आदतों को इस स्तर पर ट्रैक नहीं किया जाता। Google का यह नया फीचर AI के साथ Real-Time Adaptation करता है, जो इसे एक कदम आगे रखता है।
प्राइवेसी को लेकर चिंता?
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह का डेटा ट्रैकिंग यूज़र की प्राइवेसी के लिए खतरनाक हो सकता है। लेकिन Google का दावा है कि यह पूरा सिस्टम on-device AI पर आधारित है और किसी भी जानकारी को सर्वर पर नहीं भेजा जाएगा।
निष्कर्ष
Android 15 का यह नया फीचर मोबाइल बैटरी सेविंग टेक्नोलॉजी में एक बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ बैटरी की उम्र बढ़ेगी, बल्कि यूज़र्स को यह भी महसूस होगा कि अब उनका फोन उनसे ज्यादा “समझदार” हो गया है।
