A baby’s bell rings every night
उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की बाहरी सीमा पर स्थित एक पुरानी हवेली है, जिसे लोग “करण सिंह़ की हवेली” कहते हैं। करोंड़पति व्यापारी की पुत्री ने 1998 में सिर्फ 12 वर्ष की उम्र में आत्महत्या कर ली थी। तब से हवेली में हर रात 11 बजे एक छोटी बच्ची की सिल्वर घुंटी बजती है।
स्थानीय सुरक्षाकर्मियों और पड़ोसियों ने कई बार इसे सुना है। कभी-कभी उन्होंने देखा है कि वो कोई बच्ची पायल पहनकर हवेली के गलियारों में दौड़ती है, लेकिन जब लाइट जलाई जाती है, तो वो गायब हो जाती है।
सुरक्षा गार्ड “रमेश” बताते हैं, “एक रात मेरी गलती से अलार्म बज गया, मैं पहुंचा पत्थर की घुंटी बज रही थी, और सफेद ड्रेस में एक बच्ची कहीं दिखी नहीं।”
गलियारों में लगे CCTV में कभी वह दिखी नहीं। साथ ही, हवेली में बिजली भी कटती है, अक्सर कैमरा ब्लर हो जाता है।
कुछ लोग कहते हैं कि आत्मा वो बच्ची ही है जो न्याय मांग रही होगी। करोंड़पति वाले परिवार ने इस हवेली को बेचकर छोड़ दिया, लेकिन अब भी सुरक्षा गार्ड उसे स्कैनियोज में बदलते रहते हैं।
एक जियोइन्फ़ॉर्मेटिक्स टीम ने माहौल मापने के लिए वहां सेंसर लगाया, जो हर रात अंतरिक्षीय ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटेंसिटी’ को रिकॉर्ड करता है—जो अचानक गोली जैसी आवाजों और ध्वनि फासलों के साथ भारी होती है।
A baby’s bell rings every night

आज भी, रात 11 बजे लोकल टाइम पर हर तरफ खामोशी होती है फिर अचानक… “झन झन” — अचानक से घंटी बजती है, जैसे किसी की मजबूरी।


























