Ganga Expressway की तैयारी तेज़

उत्तर प्रदेश की बहु-प्रतिक्षित Ganga Expressway परियोजना अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। यह प्रोजेक्ट Meerut से Prayagraj तक लगभग 1047 किमी लंबे ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे को विकसित कर रहा है, जो आने वाले महीनों में जनता के लिए खुलने वाला है।
यह छह-लेन एक्सप्रेसवे (फ्यूचर में आठ लेन तक बढाने योग्य) Ganga नदी के किनारे उत्तर प्रदेश के पूर्व और पश्चिमी इलाकों को जोड़कर यात्रा को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा। इसमें Meerut, Kanpur, Prayagraj के अलावा Haridwar, Varanasi, Ballia जैसे प्रमुख शहर भी जुड़े हैं—जिससे राज्य के आर्थिक और पर्यटन परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा।

यातायात विशेषज्ञ कहते हैं कि इस एक्सप्रेसवे से Meerut से Prayagraj की दूरी अब सिर्फ 7–8 घंटे में पूरी हो सकती है, साथ ही रेल और राजमार्ग की भीड़ कम होगी। किसानों को उनके उत्पादों का वाहक मार्ग मिलेगा और छोटे व्यवसायों को शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
योजना के तहत सुरक्षा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है—जैसे intelligent lighting, CCTV, emergency bays, और electric vehicle (EV) चार्जिंग स्टेशन। इसके अलावा, Kavach जैसे ट्रैफिक नियंत्रण तकनीक से हादसों की आशंका कम होगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि जल्द ही अंतिम टेस्ट ड्राइव और सर्विस डिटेल्स सामने आएंगी। इस परियोजना के पूरा होते ही यह उत्तर भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे बन जाएगा।

























