क्या दिल्ली की नई शराब नीति बनेगी अन्य राज्यों के लिए मॉडल?


क्या दिल्ली की नई शराब नीति बनेगी

रेखा गुप्ता सरकार द्वारा घोषित की गई नई शराब नीति को लेकर न सिर्फ दिल्ली में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी हलचल मची हुई है।

वजह साफ़ है — इस नीति में महिला सुरक्षा, पारदर्शिता, टैक्स सुधार और डिजिटल निगरानी जैसे पहलुओं को इतनी सख्ती से शामिल किया गया है कि अब यह सवाल उठ रहा है:

क्या यह नीति आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन सकती है?


क्या है दिल्ली की नई नीति की विशेषताएं?

रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली की शराब नीति को चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित बनाया है:

  1. डिजिटल और पारदर्शी लाइसेंसिंग प्रक्रिया
  2. सुरक्षा-केंद्रित नियम — विशेषकर महिलाओं के लिए
  3. राजस्व वृद्धि के स्पष्ट लक्ष्य और टैक्स सुधार
  4. भ्रष्टाचार-मुक्त और ट्रैकिंग-फ्रेंडली सिस्टम

ये सभी पहलू न सिर्फ दिल्ली में व्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि यह एक प्रगतिशील प्रशासनिक दृष्टिकोण भी दर्शाते हैं।


अन्य राज्यों की वर्तमान स्थिति

कई राज्यों में शराब नीति आज भी मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भर है

महिलाओं की सुरक्षा या सामाजिक असर का कोई स्पष्ट ज़िक्र नहीं होता

अवैध शराब बिक्री और टैक्स चोरी आम समस्या बनी हुई है

ऐसे में दिल्ली की नीति एक उन्नत और मॉडर्न फ्रेमवर्क के रूप में सामने आई है।


विशेषज्ञों की राय

प्रशासनिक विशेषज्ञों और नीति विश्लेषकों का मानना है कि अगर दिल्ली की नीति का कार्यान्वयन प्रभावी होता है, तो यह कई राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

खासकर निम्नलिखित राज्यों में जहां शराब बिक्री को लेकर विरोध और घोटाले आम हैं —

उत्तर प्रदेश

हरियाणा

बिहार (जहाँ शराबबंदी है लेकिन अवैध बिक्री चलती है)

महाराष्ट्र


महिला संगठन क्यों कर रहे हैं समर्थन?

दिल्ली की नई नीति को लेकर महिला संगठनों की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक रही है।

उनका कहना है कि

रिहायशी क्षेत्रों से शराब दुकानों को हटाना

सुरक्षा गार्ड और CCTV अनिवार्य करना

महिलाओं की राय से नीति बनाना

ये सभी कदम ऐसे हैं जो अन्य राज्यों में भी दोहराए जाने चाहिए।


आंकड़ों से उम्मीद

सरकार का कहना है कि नीति के लागू होने के पहले वर्ष में ही

शराब से टैक्स राजस्व में ₹2,000–₹2,500 करोड़ की बढ़ोतरी

अवैध दुकानें 50% तक बंद

महिला शिकायतें घटकर आधी हो सकती हैं

अगर ये आंकड़े सच साबित होते हैं, तो नीति मॉडल के रूप में साबित हो सकती है।

Chandan is an experienced digital journalist who has been doing in-depth analysis of national and international news for the last 7 years. Chandan's reporting on News-4u.in is a blend of truth, speed and journalism. He has done ground-level coverage of important events in politics, technology, sports and entertainment.

Leave a Comment

error: Content is protected !!
Exit mobile version