बिजली संकट पर काबू
देश में लगातार बढ़ती गर्मी और बिजली की मांग के चलते कई राज्यों में बिजली कटौती की समस्या सामने आ रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने देशभर के थर्मल पावर प्लांट्स को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने का आदेश दिया है ताकि बिजली की आपूर्ति सामान्य बनी रहे और लोगों को अंधेरे में ना रहना पड़े।
गर्मी के मौसम में बिजली की खपत कई गुना बढ़ जाती है। पंखे, कूलर, एसी और अन्य बिजली से चलने वाले उपकरणों की मांग इतनी अधिक हो जाती है कि कई बार उत्पादन कम पड़ने लगता है। यही वजह है कि जून 2025 की शुरुआत से ही कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली कटौती की खबरें सामने आईं।
सरकार ने कोयला मंत्रालय और बिजली मंत्रालय के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर यह फैसला लिया कि देश की कोयला खदानों से थर्मल पावर प्लांट्स को प्राथमिकता के आधार पर कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। कोयला भारत में अभी भी बिजली उत्पादन का प्रमुख स्रोत है, और कुल उत्पादन का करीब 55% इसी पर आधारित है।
सरकार का यह भी कहना है कि कोयला ट्रांसपोर्टेशन में देरी को रोकने के लिए रेलवे को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। कोयले से भरे मालगाड़ियाँ अब तय समय पर पावर प्लांट्स तक पहुंचाई जाएंगी ताकि उत्पादन में कोई बाधा न हो। बिजली मंत्रालय ने सभी राज्यों से आग्रह किया है कि वे अपने राज्य स्तर पर कोयला भंडारण की समीक्षा करें और आवश्यकता के अनुसार कोटा तय करें।
उधर, पर्यावरण विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है कि कोयला खपत को बढ़ाना पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह फैसला अस्थायी है और आने वाले समय में सौर और पवन ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्त्रोतों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला राहत की खबर है। लगातार हो रही बिजली कटौती से छात्रों की पढ़ाई, अस्पतालों की सेवाएं और छोटे उद्योगों पर असर पड़ रहा था। अब सरकार की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि गर्मी के इस सीजन में देश में बिजली संकट कुछ हद तक काबू में आ सकेगा।
सरकार ने पावर कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी उत्पादन क्षमता को पूरी तरह से उपयोग में लाएं और जरूरी रखरखाव कार्यों को फिलहाल स्थगित करें। इसके साथ ही बिजली वितरण कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे तकनीकी हानियों को कम करें और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित करें।
जनता से भी अपील की गई है कि अनावश्यक बिजली उपयोग से बचें और ऊर्जा की बचत करें, ताकि पूरे सिस्टम पर दबाव कम हो सके। सरकारी और निजी संस्थानों को भी निर्देश दिया गया है कि वे AC के तापमान को 24 डिग्री पर सेट करें और दोपहर की पिक टाइम बिजली खपत को संतुलित करें।