सस्ती दवा योजना लागू
स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों तक सस्ती दवाएं पहुंचाने के लिए एक नई योजना लागू की है। 1 जुलाई 2025 से पूरे भारत में ‘जन औषधि वैन’ सेवा की शुरुआत की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण लोगों को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराना है, खासकर उन जगहों पर जहां दवा दुकानें कम हैं या नहीं हैं।
इन मोबाइल वैन में जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध सभी दवाएं होंगी — जैसे कि बुखार, खांसी, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, दर्द निवारक और महिला स्वास्थ्य से संबंधित दवाएं। हर वैन में एक प्रशिक्षित फार्मासिस्ट और हेल्थ असिस्टेंट मौजूद होगा, जो मरीजों को परामर्श भी देगा।सस्ती दवा योजना लागू: 1 जुलाई से शुरू होंगे ‘जन औषधि वैन’ ग्रामीण क्षेत्रों में
सरकार का दावा है कि जन औषधि वैन से दवाएं 50%–90% तक सस्ती मिलेंगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बोझ घटेगा। हर जिले में कम से कम 2 वैन चलाई जाएंगी और यह संख्या ज़रूरत के हिसाब से बढ़ाई जाएगी। वैन को जीपीएस से ट्रैक किया जाएगा और उसका शेड्यूल हर हफ्ते पोर्टल और पंचायत के माध्यम से गांव वालों को बताया जाएगा।
इस सेवा को प्राथमिकता से उन इलाकों में भेजा जाएगा जहां सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी 10 किलोमीटर से अधिक है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को इन वैन के माध्यम से मुफ्त दवा भी दी जाएगी, यदि उनके पास डिजिटल हेल्थ आईडी है।
इस योजना से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार गांवों में सिर्फ दवाओं की अनुपलब्धता के कारण छोटी बीमारियाँ गंभीर रूप ले लेती हैं। अब समय पर इलाज और परामर्श मिलने से हालात बदल सकते हैं।